LG के मॉडल गांव क़ुतुबगढ़ के खेतों में करंट का खतरा! किसानों की जान पर खेल रही दिल्ली सरकार की लापरवाही
LG के मॉडल गांव क़ुतुबगढ़ के खेतों में करंट का खतरा! किसानों की जान पर खेल रही दिल्ली सरकार की लापरवाही
#पॉवर ग्रिड की नई लाइन बिछाने के बाद खेतों में फैला करंट — ग्रामीणों ने टेस्टर से की जांच, डीएम को दी सूचना, फिर भी प्रशासन मौन
दिल्ली देहात / कुतुबगढ़
दिल्ली देहात के गाँव क़ुतुबगढ़ में किसानों की ज़मीन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा ग्रामीण विकास की दिशा में शुरू की गई परियोजनाओं के बीच पॉवर ग्रिड द्वारा बिछाई गई नई बिजली लाइन अब किसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि नई लाइन बिछाने के बाद से ही खेतों में करंट महसूस किया जा रहा है। ग्रामीण किसानों ने जब टेस्टर लगाकर जांच की, तो स्पष्ट रूप से करंट का संकेत मिला। इस खतरनाक स्थिति से चिंतित ग्रामीणों ने क्षेत्रीय राजस्व डीएम को इसकी सूचना भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि किसी किसान या पशु की जान चली गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? खेतों में करंट फैलने से खेतीबाड़ी का काम लगभग ठप हो गया है और किसान भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना दिल्ली सरकार और बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है। बिना उचित सुरक्षा जांच और ग्राउंडिंग सिस्टम के बिजली लाइनें बिछा दी गईं, जिससे ग्रामीणों की ज़िंदगियाँ खतरे में पड़ गई हैं।
किसानों ने मांग की है कि तुरंत तकनीकी जांच टीम गठित की जाए, करंट के स्रोत का पता लगाया जाए और सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुधार कार्य किए जाएँ। यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को तैयार हैं।
नोट : किसी के इस खबर के संबंध में कुछ विचार हो तो व्हाट्सएप 9871262429 नंबर पर भेज दे।L
G के मॉडल गांव क़ुतुबगढ़ के खेतों में करंट का खतरा! किसानों की जान पर खेल रही दिल्ली सरकार की लापरवाही
#पॉवर ग्रिड की नई लाइन बिछाने के बाद खेतों में फैला करंट — ग्रामीणों ने टेस्टर से की जांच, डीएम को दी सूचना, फिर भी प्रशासन मौन
दिल्ली देहात / कुतुबगढ़
दिल्ली देहात के गाँव क़ुतुबगढ़ में किसानों की ज़मीन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा ग्रामीण विकास की दिशा में शुरू की गई परियोजनाओं के बीच पॉवर ग्रिड द्वारा बिछाई गई नई बिजली लाइन अब किसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि नई लाइन बिछाने के बाद से ही खेतों में करंट महसूस किया जा रहा है। ग्रामीण किसानों ने जब टेस्टर लगाकर जांच की, तो स्पष्ट रूप से करंट का संकेत मिला। इस खतरनाक स्थिति से चिंतित ग्रामीणों ने क्षेत्रीय राजस्व डीएम को इसकी सूचना भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि किसी किसान या पशु की जान चली गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? खेतों में करंट फैलने से खेतीबाड़ी का काम लगभग ठप हो गया है और किसान भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना दिल्ली सरकार और बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है। बिना उचित सुरक्षा जांच और ग्राउंडिंग सिस्टम के बिजली लाइनें बिछा दी गईं, जिससे ग्रामीणों की ज़िंदगियाँ खतरे में पड़ गई हैं।
किसानों ने मांग की है कि तुरंत तकनीकी जांच टीम गठित की जाए, करंट के स्रोत का पता लगाया जाए और सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुधार कार्य किए जाएँ। यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को तैयार हैं।
नोट : किसी के इस खबर के संबंध में कुछ विचार हो तो व्हाट्सएप 9871262429 नंबर पर भेज दे।
Comments
Post a Comment